070 शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ, रसोली और ट्यूमर का घरेलू आयुर्वेदिक इलाज

 शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ, रसोली और ट्यूमर का घरेलू आयुर्वेदिक इलाज



नमस्कार दोस्तों, आपका एक बार फिर से हमारी वेबसाइट में बहुत बहुत स्वागत है. यहाँ आपको राजीव जी के हर प्रकार के घरेलू नुस्खे एवं औषधियां प्राप्त होंगी. तो दोस्तों जिंदगी में आपको कभी भी कैंसर ना आए इसके लिए सिर्फ एक ही चीज याद रखियेगा कि आप जब भी खाना खाये तो उस खाने में डालडा घी, रिफाइंड ऑयल आदि नही होना चाहिए. दूसरी बात की ज्यादा से ज्यादा छिलके वाली चीजों का उपयोग करें जैसे की छिलके वाले चावल, दालें, छिलके वाली सब्जिया आदि. इन चीजों को खाने से आपको कैंसर के होने का सवाल ही पैदा नही होता.

इन सब के इलावा कैंसर गुटका, तम्बाकू, सिगरेट, बीडी आदि के इस्तेमाल से भी होता है. तो इन चारों चीजों का सेवन कभी न करें. क्योंकि कैंसर के ज्यादातर केस इन्ही के कारण होते है. भारत की सरकार आजकल गुटके, बीडी, सिगरेट, तम्बाकू आदि पर पाबंदी लगा रही है. जल्द ही शराब के लिए भी ठोस कदम उठाये जायेंगे. ऐसा ही चलता रहा तो हमारे देश के नौजवान कैंसर जैसी घटिया बीमारी से बच जायेंगे.

सारी दुनिया का एक ही कहना है कि इसके बचाव में ही खुद का बचाव है. आप हमेशा यही कोशिश करियेगा की कैंसर वाले मरीज़ की कीमोथेरेपी, एलोपेथी आदि जैसे ट्रीटमेंट से दूर रखा जाए. क्योंकी अगर एक बार कीमोथेरेपी हो गयी तो समझिये आप अब कुछ नही कर पाएंगे. महिलाओं को आजकल बहुत ज्यादा कैंसर की बीमारी घेर रही है. उनके  गर्भाशय में और स्तनों में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है. पहले उनको ट्यूमर होता है फिर बाद में कैंसर में बदल जाता है.  तो माताओं और बहनों को ध्यान रखना चाहिए की जब भी उनके शरीर में उनको अनवांटेड ग्रोथ का पता चले तो उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए. क्योंकि किसी अंग में जैसे ही आपको अनवांटेड ग्रोथ हुई तो स्म्जिये की आपको रसोली या गांठ हो गई है. हालांकि हर गांठ या रसोली से कैंसर नहीं होता. केवल दो या तीन प्रतिशत गांठ ऐसी है, जो कैंसर में बदलती है. लेकिन आपको सतर्क तो होना पड़ेगा.

इसके लिए सबसे अच्छी दुनिया में दवा है चूना. शरीर में कहीं भी गांठ हो जाए, रसोली हो जाए जो तो उसके कैंसर में तब्दील होने के काफी चांसेस हो सकते हैं. तो इस तरह के गांठ को खत्म करने के लिए सबसे अच्छी दवा है चूना. चूना यानि कि जो पान में खाया जाता है, रंगाई-पुताई में इस्तेमाल किया जाता है, पान वाले की दुकान से आसानी से मिल जाता है. उस चुने को कनक के दाने के बराबर खाइए. अब सवाल ये उठता है कि उसको खाएंगे कैसे? क्योंकि सीधे जीभ पर लगाएंगे तो जीभ फट जाएगी. तो उसको खाने का एक ही तरीका है कि आप उसको पानी में घोल कर पी लीजिए या फिर दही में घोलकर दही पी लीजिए. इसके इलावा आप उसको लस्सी में घोलकर, दाल में डालकर, सब्जी में डाल कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

महिलाओं में इस गांठ का पता कैसे चलेगा? जिन माताओं को पेट में रसौली हो जाएगी उनकी मासिक तिथि बिल्कुल बदल जाएगी. उसे पता चलेगा खून बहुत ज्यादा आएगा पर 28-30 दिन में जो आना चाहिए वह 10-15 दिन में भी आ सकता है, और हो सकता है कि वह 1 हफ्ते चले या 10 दिन चले या फिर 15 दिन चले. ब्लीडिंग बहुत होगा और थकान भी बहुत आएगी. शरीर में कमजोरी बहुत हो जाएगी. तो उससे आप तुरंत भाप लीजिए कि रसौली हो रही है या हो चुकी है. बाद में कंफर्म करना है तो सोनोग्राफी करा लीजिए. अब समझ लीजिये कि आपको चुने की जरूरत आ गई है. चुना सबसे अच्छी और सबसे सस्ती दवा है. और तो और इसके साइड इफेक्ट्स भी बहुत कम है. और दुनिया की सभी दवाएं इसी चुने से बनती है जो रसौली एवं गांठ को गलाती है.




071  होम्योपैथिक की इस दवाई से कीजिए पथरी का इलाज, दिन में 3-4 बार लेना है  

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इस विडियो में देखिए इसकी पहचान और कैसे दूर करे >>

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