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181 जानिए अजवाइन में ऐसा क्या है कि दोपहर में लेनी चाहिए लेकिन रात को नहीं

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  जानिए अजवाइन में ऐसा क्या है कि दोपहर में लेनी चाहिए लेकिन रात को नहीं कौन कौन सी चीजें हैं जो हमारे वात पित्त और कफ तीनों को कंट्रोल कर सकती हैं ये तीनों सम भाग में रहे तो अच्छा है तो बागभट्ट जी कहते हैं कि रसोई से बाहर जाने की जरुरत नही है सब वहीं है बाग़भट्ट जी कहते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा औषधि केंद्र हमारा रसोई घर ही हैं जिसे हम रसोई में मसाला कहते हैं दरअसल वो औषधीयां ही हैं. मसाला शब्द हमारे देश का नही हैं ये एक अरबिक शब्द है हमारे देश का शब्द हैं औषधि हमारे देश के जितने भी दसवीं शताब्दी से पहले के पुराने शास्त्र हैं कहीं भी मसाला शब्द का प्रयोग नही हैं सभी जगह औषधि का यूज हुवा है. मुगलों के राज्य के बाद के शास्त्रों में मसाला शब्द का प्रयोग हुवा हैं सब जगह औषधि शब्द है जैसे जीरा औषधि धनिया औषधि. ये सभी रसोई की जो भी औषधियां हैं. ये सब चिकित्सा के लिए है. हमारे पुराने समय की दादी नानी हैं जिन्होंने अपनी बेटी पोतियों को सब्जी में ये ओषधियों का यूज करना सिखाया कि कितना जीरा डालेगा, कितना हिंग डलेगा और दूसरी औषधियां कितनी डलेंगी. वो सभी वैज्ञानिक और चिकित्सक थीं वे जानती...

180 हल्दी से कैंसर के इलाज के पेंटेंट को मंजूरी ! इस तरह होगा इलाज

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  हल्दी से कैंसर के इलाज के पेंटेंट को मंजूरी ! इस तरह होगा इलाज तिरुवनंतपुरम में श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस ने हल्दी से कैंसर के इलाज का अमेरिकी पेटेंट हासिल किया है। इंस्टीट्यूट का दावा है कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व से कैंसर का इलाज किया जा सकता है। इंस्टीट्यूट के मुताबिक, कैंसर के ट्यूमर को शरीर से हटाने बाद हल्दी से इलाज किया जाएगा ताकि ट्यूमर खत्म करें और शरीर में फैलने से रोका जा सके।  दोस्तों कृपया पोस्ट को अंत तक पढ़े करक्यूमिन ही क्यों प्रमुख शोधकर्ता डॉ. लिसी कृष्णन के मुताबिक, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन आसानी से शरीर में अवशोषित होता है और कैंसर से लड़ता है। कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए ट्यूमर वाले हिस्से में सीधे  करक्यूमिन रिलीज किया जाएगा। यह सामान्य कोशिकाओं को नुकसान न पहुंचाकर सीधे सीधे कैंसर कोशिकाओं पर हमला करेगा। कई रिसर्च में भी यह साबित हो चुका है कि यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करता है। ऐसे होगा इलाज संस्थान की डायरेक्टर आशा किशोरी के मुताबिक, शरीर में करक्यूमिन एक इम्प्लांट ‘वेफर’ के जरिए पहुंचाया जाएगा। वेफर में करक्य...

179 मोटापा से जीवनभर के लिए छुटकारा पाए ! इस आयुर्वेदिक फार्मूला का पालन करें

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  मोटापा से जीवनभर के लिए छुटकारा पाए ! इस आयुर्वेदिक फार्मूला का पालन करें हमें खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी पीना है, ये याद रखे कि डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना है. लेकिन पानी कैसे पीना है, ये बहुत महत्व की बात है. आप अभी सामान्य रूप से पानी कैसे पीते है, एक गिलास पानी भरा मुह में लगाया गट गट गट एक बार में ही पी लिया, गिलास एक बार में ही ख़त्म. कुछ लोग मुंह खोल लेते है, और खोलकर ऊपर से गिराते है. और पानी लगातार गटकते जाते है ये दोनों तरीके बहुत गलत है. अगर आप घट घट घट लगातार पानी पी रहे है तो आपके शरीर में तीन रोग तो जरुर आने वाले है, पहला Appendicitis, दूसरा हर्निया (आंतों का उतरना) और तीसरा Hydrocele. ये हर्निया सबसे ज्यादा उन्ही लोगो को आता है जो पूरा गट गट के एक बार में ही पानी पीते है और जो Hydrocele है ये थोड़ी उम्र के बाद आती है विशेष रूप से ये पुरषों में आती है. हर्निया तो माताओं में भी आ जाता है लेकिन ये Hydrocele मर्दों की बीमारी है. ये तीनो रोग उन लोगो को जरुर आते है जो एक साथ पूरा लोटा या गिलास पानी गटकते है मतलब ये कि एक साथ गट गट पानी पीना अच्छा नही है तो आपके मन में सवाल आ ...

178 नहाने से पहले गर्दन पर लगायें ये चीजें ! कालापन चला जायेगा

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  नहाने से पहले गर्दन पर लगायें ये चीजें ! कालापन चला जायेगा सर्दियों के मौसम में लोग चेहरे को चमकाने के लिए तो कई तरह के जतन करते हैं लेकिन अपनी गर्दन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं।लंबे समय से गर्दन की अनदेखी करने पर आपकी गर्दन का रंग चेहरे के मुकाबले काला पड़ने लगता है जो देखने में बहुत गंदा लगता है।अगर आपकी गर्दन का रंग भी काला पड़ रहा है तो आप भी इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर अपनी काली गर्दन को गोरा बना सकते हैं। बेकिंग सोडा दो चम्मच बेकिंग पाउडर लें। इसमें पानी मिलाकर एक सेमी-लिक्विड घोल बना लें। इसे गर्दन पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। गर्दन का कालापन कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही दूर हो जाएगा। कच्चा पपीता कच्चा पपीता काटकर मोटा-मोटा पीस लें। अब पपीते के इस गुदे में गुलाब जल और एक चम्मच दही मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।इसे गर्दन पर लगाकर कुछ देर ऐसे ही सूखने के लिए छोड़ दें।  सप्ताह में एक बार किया गया ये उपाय आपको फायदा देगा। नींबू और शहद नींबू और शहद को एक साथ अच्छे से मिलाकर इस पैक को गर्दन पर लगाकर कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। नहाते समय गर्दन को अच्छी तरह साफ कर ले...

177 शौच करने समय होती है जलन और दर्द तो आपको भी हो सकता है भगंदर? जानिए लक्षण, कारण और इलाज

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  शौच करने समय होती है जलन और दर्द तो आपको भी हो सकता है भगंदर? जानिए लक्षण, कारण और इलाज भगंदर, नाम से भले ही अजीब लगता है, लेकिन यह बड़ी बीमारी है। एक मामूली फोड़े से बढ़ कर भयंकर दर्द देने वाली बीमारी, जो कि किसी को भी हो सकती है। इस बीमारी को फिस्टुला भी कहते हैं। गुदा नली में पस जमा होने के कारण भगंदर जानलेवा दर्द दे सकता है। इस बीमारी को ऐसे समझें कि हमारे कुछ नाजुक अंग या नस जो आपस में जुड़े नहीं होते, उन्हें यह जोड़ देता है। जैसे आंत को त्वचा से, योनि को मलाशय से। आइए जानते हैं भगंदर के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज के बारे में: फिस्टुला में सबसे आम होता है- एनल फिस्टुला यानी भगंदर। यह छोटी नली की तरह होता है, जो आंत के अंतिम हिस्से को गुदा के पास की त्वचा से जोड़ देता है। गुदा नली में पस जमा होने के कारण कई बार ऑपरेशन की जरुरत पड़ जाती है। भगंदर और बवासीर में अंतर कई लोग बवासीर और भगंदर रोग को लेकर कनफ्यूज हो जाते हैं, जबकि दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। बवासीर रोग में गुदा के बाहर नस फूलकर मोटी हो जाती है और अंगूर के दानों के बराबर बाहर निकल जाती है। ज्यादा कब्ज की स्थिति में व...

176 जिसे आप थूकना पसंद करते है, वो अमृत है, कैंसर सहित सेंकडो बीमारी ठीक करती है

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  जिसे आप थूकना पसंद करते है, वो अमृत है, कैंसर सहित सेंकडो बीमारी ठीक करती है नमस्कार दोस्तों, आपका हमारी वेबसाइट में बहुत बहुत स्वगत है.यहाँ आपको राजीव जी द्वारा बताये गये हर प्रकार के घरेलू नुस्खे एवं औषधियां प्राप्त होंगी. तो दोस्तों आज के आर्टिकल की चर्चा का विषय है  सुबह उठकर क्या क्या किया जाये? आयुर्वेद के हिसाब से आप जब भी सुबह उठे तो सबसे पहले पानी पीयें. यानी कि दिन की शुरुआत आप पानी से करें. इसी चीज़ को “उषापान” कहते हैं. उषापान का मतलब की सुबह चार बजे उठे और उठकर सबसे पहले पानी पीयें. इसके दो कारण है. पहला कारण ये है कि जब हम रात को सोकर सुबह उठते है तो हमारे मुंह में लार की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है. और अगर हम पानी पी लेंगे तो ये लार अंदर चली जाएगी. इसलिए कभी भी सुबह उठकर दांत न धोएं और ना ही कुल्हा करें. क्योंकि ऐसा करने से वह लार बाहर थूकना पड़ जाता है. और सुबह की लार बहुत ज्यादा एल्कलाइन होती है. और शरीर में जाकर काफी सारे लाभ देती है. ये शरीर में जाकर पेट की सभी बिमारियों को खतम कर देगी, कटकी ये एसिड बनने हिनहि देगी. और सभी बीमारियाँ पेट से ही शुरू होती है....

175 हड्डियों से आती है कट-कट की आवाज ? इस दर्दनाक रोग का है संकेत

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  हड्डियों से आती है कट-कट की आवाज ? इस दर्दनाक रोग का है संकेत क्या आपको कभी अचानक चलने, उठने और बैठने से घुटनों, कूल्हे और कोहनी की हड्डियों की कट-कट की आवाज आई है? क्या यह हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस प्रकार की आवाज आने का मतलब है कि हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। कई बार लोग इसे जोड़ो से जुड़ा रोग समझ लेते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि हड्डियों में आने वाली इस तरह के आवाज का क्या मतलब है और इसके क्या नुकसान हैं। जोड़ों में इसलिए आती है आवाज जोड़ों से आने वाली आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है। क्रेपिटस सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने पर आने वाली ध्वनि का मेडिकल नाम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के छोटे बुलबुले फूटते हैं। इन्हीं बुलबुलों के फूटने से यह आवाज पैदा होती है। कई बार जोड़ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के टेंडन या लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज सुनाई देती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत जोड़ों में हल्की चटकने की आवाज आना ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक ...